पटियाला में लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़, पूर्व स्वास्थ्य कर्मचारी मीना रानी पांचवीं बार गिरफ्तार

Report : Parveen Komal

पटियाला में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कथित अवैध भ्रूण लिंग जांच रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान मीना रानी के रूप में हुई है, जो स्वास्थ्य विभाग में पूर्व में काम कर चुकी हैं। उनके साथ कथित सहयोगी जरनैल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पंजाब के पटियाला से अवैध लिंग जांच के एक कथित रैकेट का खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार महिला मीना रानी पहले स्वास्थ्य विभाग में काम कर चुकी हैं और रिपोर्ट के मुताबिक, 11 वर्षों में पांचवीं बार ऐसे मामले में गिरफ्तार हुई हैं। छापेमारी के दौरान पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, MTP किट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच टीम ने डिकॉय मरीज के जरिए 22 हजार रुपये में भ्रूण का लिंग बताने का कथित सौदा पकड़ा। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मीना रानी पर पिछले 11 वर्षों में पांचवीं बार PCPNDT Act के उल्लंघन से संबंधित मामला दर्ज हुआ है।

छापेमारी के दौरान टीम ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, MTP किट और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।  (DFPO) डॉ. बलकार सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, विभाग को अवैध लिंग जांच के संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने एक महिला को डिकॉय मरीज के रूप में इस्तेमाल किया।

1 डिकॉय मरीज ने कथित तौर पर जरनैल सिंह से संपर्क किया।

बातचीत के दौरान भ्रूण का लिंग पता लगाने के लिए 22,000 रुपये में सौदा तय हुआ।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, यह रकम छापेमारी के दौरान बरामद कर ली गई।

2. डिकॉय मरीज को दूसरे स्थान पर ले जाया गया

रिपोर्ट में बताया गया है कि डिकॉय मरीज को शहर में एक निर्धारित स्थान पर पहुंचने के लिए कहा गया था।
वहां से जरनैल सिंह उसे दूसरे स्थान पर ले गया, जहां मीना रानी पहले से मौजूद थीं।
कथित तौर पर अल्ट्रासाउंड जांच के बाद दोनों ने डिकॉय मरीज को छोड़ दिया। इसी दौरान आरोपियों को शक हुआ और उन्होंने वहां से निकलने की कोशिश की।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने दोनों को पकड़ लिया।
यह पूरा विवरण हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से दिया गया है।

3. छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान निम्न वस्तुएं बरामद कीं:
पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन 1, MTP किट 1,मोबाइल फोन 3
कथित सौदे की रकम, ₹22,00,0

4. पूर्व स्वास्थ्य कर्मचारी मीना रानी का पुराना रिकॉर्ड

इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात आरोपी महिला का कथित पिछला रिकॉर्ड है।
मीना रानी पहले पंजाब के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में Auxiliary Nurse Midwife (ANM) के रूप में काम करती थीं।
पंजाब के अलावा हरियाणा पुलिस ने भी उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
2015 में पहली बार PCPNDT Act और अन्य अपराधों के तहत मामला दर्ज हुआ।
2018 में दो बार मामला दर्ज हुआ।
2022 में फिर मामला दर्ज हुआ।
2026 में वर्तमान कार्रवाई के दौरान पांचवीं बार गिरफ्तारी हुई।
यह विवरण पुलिस रिकॉर्ड और रिपोर्ट में दिए गए अधिकारियों के बयानों पर आधारित है।

5. 2023 में भी दोनों गिरफ्तार हुए थे

रिपोर्ट के मुताबिक, मीना रानी और जरनैल सिंह को 2023 में भी गिरफ्तार किया गया था।
उस समय बरनाला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की थी। टीम का नेतृत्व तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. जसबीर औलख ने किया था।
इससे पता चलता है कि वर्तमान कार्रवाई से पहले भी दोनों के खिलाफ कथित समान गतिविधियों से संबंधित कार्रवाई हो चुकी थी।

6. पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनों पर सवाल

पूर्व सिविल सर्जन डॉ. जसबीर औलख का बयान भी प्रकाशित किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अवैध लिंग जांच के नौ मामले उजागर किए थे। उनके अनुसार, इन मामलों में पुलिस पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनों के स्रोत का पता नहीं लगा सकी थी।
उन्होंने यह सवाल उठाया कि ऐसी मशीनें खरीदते समय अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था के बावजूद उनके स्रोत की जांच क्यों नहीं हो पाती।

PCPNDT Act के तहत क्या कार्रवाई हो सकती है?

भारत में भ्रूण का लिंग बताने और लिंग चयन से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (PCPNDT) Act, 1994 लागू है।
कानून के तहत प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल होने पर आपराधिक कार्रवाई, सजा और जुर्माने के प्रावधान हैं। वास्तविक आरोपों के आधार पर धाराएं तय की जाती हैं।
इस मामले में पुलिस ने PCPNDT Act के कथित उल्लंघन के आधार पर कार्रवाई की है।
पंजाब के पटियाला से अवैध लिंग जांच के एक कथित रैकेट का खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार महिला पहले स्वास्थ्य विभाग में काम कर चुकी हैं और रिपोर्ट के मुताबिक, 11 वर्षों में पांचवीं बार ऐसे मामले में गिरफ्तार हुई हैं। छापेमारी के दौरान पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, MTP किट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच टीम ने डिकॉय मरीज के जरिए 22 हजार रुपये में भ्रूण का लिंग बताने का कथित सौदा पकड़ा। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है

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