बिजनौर पुलिस की शर्मनाक लापरवाही! AK-47 को ‘खिलौना’ और हैंड ग्रेनेड को ‘परफ्यूम बॉटल’ बता दिया – अब आतंकी कनेक्शन उजागर, इंस्पेक्टर सस्पेंड!

छह महीने पहले सोशल मीडिया पर खलबली मचा देने वाला वो वीडियो अब यूपी पुलिस के लिए बम बन गया है!
नवंबर 2025 में बिजनौर के सौफतपुर गांव के मैजुल (जो साउथ अफ्रीका में नाई का काम करता है)
और मेरठ के आकिब खान (अब दुबई में छिपा हुआ) का इंस्टाग्राम वीडियो वायरल हो गया।
वीडियो में दोनों के हाथ में AK-47 राइफल चमक रही थी और हैंड ग्रेनेड लहरा रहा था।
देखने वाले सकते में आ गए – क्या ये असली हथियार हैं या कोई मजाक?
पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच तत्कालीन इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह मालिक (तब SHO) को सौंपी गई।
पूछताछ में आकिब और मैजुल ने आराम से कह दिया – “ये AK-47 तो सिर्फ खिलौना है भाई, और ग्रेनेड?
अरे वो तो परफ्यूम की बोतल है!”
इंस्पेक्टर साहब ने उनकी बात पर पूरी तरह यकीन कर लिया।
कोई गंभीर जांच, कोई फॉरेंसिक वेरिफिकेशन, कुछ नहीं।
बस फाइनल रिपोर्ट लगा दी – “कोई असली हथियार नहीं, मामला क्लोज!”
तत्कालीन CO नितेश प्रताप सिंह ने भी रिपोर्ट पर साइन कर दिए।
बस, फाइल बंद! लेकिन अब सनसनीखेज ट्विस्ट आया है…
2 अप्रैल 2026 को UP ATS ने लखनऊ से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया –
मेरठ का साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित।
पूछताछ में साकिब ने कबूल किया कि उसका सीधा संबंध उसी आकिब से है, जो दुबई में बैठा ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का हैंडलर है!
ये लोग लखनऊ रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों पर बड़े धमाकों की साजिश रच रहे थे।
पाकिस्तानी हैंडलर्स से टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क, रेकी, और आतंकी गतिविधियां –
सब कुछ सामने आ रहा है। जिस आकिब को बिजनौर पुलिस ने “खिलौना वाला लड़का” समझकर क्लीनचिट दे दी,
वही अब आतंकी नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी निकला!
बिजनौर के SP अभिषेक झा ने तुरंत एक्शन लिया –
इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह मालिक को सस्पेंड कर दिया गया है और CO नितेश प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।
ये मामला यूपी पुलिस की उस वक्त की लापरवाही को बेनकाब कर रहा है जब असली खतरा नाक के नीचे था, लेकिन “परफ्यूम बोतल” और “खिलौना” की कहानी पर भरोसा कर लिया गया।
अब ATS की जांच तेज है और दुबई में छिपे आकिब तक पहुंचने की कोशिशें चल रही हैं।
सवाल ये है – क्या ये सिर्फ एक इंस्पेक्टर की गलती थी, या और भी कुछ छिपा है?
ये घटना फिर याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है।
सुरक्षा एजेंसियों को अब और सतर्क रहना होगा। (तथ्यों पर आधारित, समाचार स्रोतों से पुष्टि के साथ)

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