अंधे कत्ल का चौथा दोषी भी दबोचा पटियाला पुलिस ने

Report: Parveen Komal 9876442643

पटियाला पुलिस ने तो बहुत बड़ी सफलता हासिल करते हुए राजपुरा के नजदीक 18 नवंबर को सेवा मुक्त अधिकारी स्वर्ण सिंह के अंधे कत्ल केस मामले को हल करते हुए इस कत्ल के मुख्य दोषी चरण सिंह उर्फ चुन्नू को पिस्तौल सहित गिरफ्तार कर लिया है इस सिलसिले में मुकदमा नंबर 87 थाना सदर राजपुरा में दर्ज था जिस के तीन दोषी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे और चौथा दोषी चरण सिंह भगोड़ा था जिसको इस मुकदमा में 25 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार करके वारदात में इस्तेमाल हुआ देसी पिस्तौल,दो जीवित कारतूस और एक चला हुआ कारतूस बरामद किया है और इस कांड के मुख्य साजिशकर्ता जगतार सिंह से छह दस्ताने और 20 लाख भी बरामद किए गए हैं.

पुलिस न्यूज़ इण्डिया को एसएसपी पटियाला ने बताया कि इस केस के लिए एसपी इन्वेस्टिगेशन श्री मंजीत सिंह बराड़ की निगरानी में एस आई टी गठित की गई थी , इस विशेष जांच टीम के सदस्य डीएसपी सर्कल राजपुरा श्री कृष्ण कुमार पांथे, एसएचओ थाना सदर राजपुरा इंस्पेक्टर दलबीर सिंह और सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर शमिंदर सिंह ने स्वर्ण सिंह के ब्लाइंड मर्डर के दोषी जगतार सिंह, कार्तिक चौहान और सतविंदर सिंह सत्ता को 18 दिसंबर को गिरफ्तार करके गुत्थी सुलझा ली थी. उन्होंने बताया कि मुकदमा में भागे हुए दोषी चरण सिंह उर्फ चुन्नू पुत्र कुलदीप सिंह वासी गांव  दुखेड़ी थाना साहा को गिरफ्तार करने के लिए चार टीमों का गठन किया गया था और कई दिन से लगातार 10 टीमों ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पांवटा साहिब, जगाधरी और अम्बाला के इलाकों में छापामारी की जिसके चलते 25 दिसंबर को चरण सिंह उर्फ चुन्नू ने राजपुरा अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. उन्होंने बताया कि दोषी चरण सिंह का 6 दिन का पुलिस रिमांड हासिल करके पूछताछ की जा रही है. वारदात के समय इस्तेमाल किया गया देसी पिस्तौल जिसमें 32 बोर के कारतूस इस्तेमाल किए जाते हैं और छह कारतूस भी बरामद कर लिए गए हैं . ये सारा असलाह उत्तराखंड से 40 हजार में खरीदा गया था और इसी 32 बोर के पिस्तौल से चरण सिंह के सर और छाती में गोली मार कर कत्ल कर दिया था

 एस एस पी श्री मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि स्वर्ण सिंह का कत्ल करने के बाद रिवाल्वर की नाल में कारतूस फंस गया था जो घनौर के रास्ते में जाते समय पिस्तौल में फंसा हुआ कारतूस बाहर  निकालने का यत्न किया गया था. इस कारतूस को चरण सिंह के कबूलनामे पर गाड़ी में से बरामद किया गया. पूछताछ में यह भी पता चला है कि इससे पहले स्वर्ण सिंह का कत्ल गला दबाकर करने के लिए चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में रेकी की गई थी लेकिन उस समय स्वर्ण सिंह का कत्ल करने में कामयाबी ना मिलने के कारण इस्तेमाल किए जाने वाले 6 दस्ताने जगतार सिंह अपने घर ले गया था. जगतार सिंह के कबूलनामें पर दस्ताने भी बरामद किए गए हैं. जगतार से पूछताछ पर उसने बताया कि उसने मृतक के साथ करोड़ों की ठगी की थी. उसकी तरफ से दिए हुए नए पुराने नोट भी उसने छुपा कर अपने घर में बेड के बॉक्स में गहराई में दबा दिए थे जो ब्रा मद कर लिए गए हैं. इसके अलावा 50 लाख रूपये के  ड्राफ्ट भी बरामद किए गए हैं और इस सिलसिले में बाकी दोषियों से और भी पूछताछ की जा रही है. एसएसपी श्री मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि क्योंकि इस मामले में दोषियों की तरफ से करोड़ों  का लेन देन किया गया है इसलिए पुलिस इस केस की गहराई से जांच करने के लिए सीआईए की मदद ले रही है. इस तरह देखा जाए तो पटियाला पुलिस बहुत तेजी से जुर्म होने के बाद मुजरिमों का गला दबोचने में कामयाब हो जाती है. इसमें एसएसपी पटियाला श्री मनदीप सिंह सिद्धू की कुशल अगवाई,  पटियाला पुलिस की सूझबूझ और  दोषियों को सजा देने की अल्लाह की मर्जी भी शामिल है.

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